What Are the Different Types of Wheat?
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| गेहूं कितने प्रकार के होते हैं? | गेहूँ किस राज्य में उगाया जाता है? | गेहूँ किस मिट्टी में उगता है? |
1. दुक्कन गेहूँ (ड्यूरम गेहूँ) Durum Wheat
रंग: हल्का पीला
प्रमुख राज्य: मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान
प्रोटीन: उच्च
मिट्टी और जलवायु: यह शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में उगाया जाता है।
उपयोग: इसे मुख्य रूप से सूजी, पास्ता, और मैकरोनी बनाने के लिए उपयोग किया जाता है। इसका आटा थोड़ा कठोर होता है और इसे रोटी बनाने के लिए कम प्रयोग किया जाता है।
विशेषताएँ: इसमें ग्लूटेन की मात्रा कम होती है, जिससे यह पास्ता और सूजी जैसे उत्पादों के लिए उत्तम होता है।
इस गेहूँ का आटा कठोर होता है और इसका उपयोग सूजी, पास्ता, मैकरोनी आदि बनाने में होता है।
2. शरबती गेहूँ - Sharbati Wheat
रंग: हल्का सुनहरा
प्रमुख राज्य: मध्य प्रदेश (खासकर विदिशा, सिहोर, रायसेन क्षेत्र)
प्रोटीन: मध्यम से उच्च
मिट्टी और जलवायु: यह गेहूँ मुख्य रूप से हल्की और उपजाऊ मिट्टी में उगाया जाता है, जहां मध्यम से कम वर्षा होती है।
उपयोग: इस प्रकार का गेहूँ मुख्य रूप से रोटी बनाने के लिए प्रयोग किया जाता है। शरबती गेहूँ से बनी रोटी मुलायम और स्वादिष्ट होती है।
विशेषताएँ: यह गेहूँ मध्यम गुणवत्ता का होता है, लेकिन रोटी के लिए विशेष रूप से अच्छा माना जाता है। मध्य प्रदेश में शरबती गेहूँ काफी प्रचलित है।
शरबती गेहूँ की पहचान उसकी सुनहरी चमक और मीठे स्वाद से होती है। यह रोटी बनाने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है।
3. सफेद गेहूँ (सॉफ्ट गेहूँ)
रंग: सफेद
प्रमुख राज्य: पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश
प्रोटीन: कम
मिट्टी और जलवायु: यह गेहूँ उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी और ठंडी जलवायु में उगाया जाता है।
उपयोग: इसे मुख्य रूप से बिस्किट, केक, और ब्रेड बनाने में प्रयोग किया जाता है। इसका आटा मुलायम और हल्का होता है।
विशेषताएँ: यह आसानी से पचने वाला और हल्का गेहूँ होता है, इसलिए इसे बच्चों और बुजुर्गों के लिए उपयुक्त माना जाता है।
यह गेहूँ सफेद रंग का होता है और इसका उपयोग बिस्किट, केक, ब्रेड बनाने के लिए किया जाता है।
4. लोकवन गेहूँ
रंग: भूरा
प्रमुख राज्य: महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश
प्रोटीन: उच्च
मिट्टी और जलवायु: यह मुख्य रूप से उपजाऊ, जलोढ़ मिट्टी में उगाया जाता है, और सामान्य रूप से कम से मध्यम वर्षा वाले क्षेत्र इसके लिए उपयुक्त होते हैं।
उपयोग: इसका उपयोग मुख्य रूप से चपाती और ब्रेड बनाने में होता है। यह गेहूँ सख्त और उच्च गुणवत्ता का होता है।
विशेषताएँ: लोकवन गेहूँ की रोटी अधिक समय तक ताजा रहती है और यह ज्यादा स्वादिष्ट मानी जाती है।
लोकवन गेहूँ की रोटी मुलायम और स्वादिष्ट होती है। इसमें उच्च प्रोटीन की मात्रा होती है।
5. संगम गेहूँ
रंग: हल्का भूरा
प्रमुख राज्य: महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश
प्रोटीन: मध्यम
मिट्टी और जलवायु: इसे सूखी और अर्ध-शुष्क जलवायु में उगाया जाता है।
उपयोग: इसे मुख्य रूप से आटे और दलिया बनाने के लिए उपयोग किया जाता है।
विशेषताएँ: यह गेहूँ कम समय में पक जाता है और हल्का होता है।
इस गेहूँ का उपयोग मुख्य रूप से आटा और दलिया बनाने के लिए होता है।
6. एम पी गेहूँ (हाई-ग्लूटेन)
रंग: हल्का सुनहरा
प्रमुख राज्य: मध्य प्रदेश
प्रोटीन: उच्च
मिट्टी और जलवायु: यह गेहूँ अच्छे जलप्रबंधन वाली मिट्टी और मौसम में उगाया जाता है।
उपयोग: इसे मुख्य रूप से रोटी और पराठे बनाने के लिए उपयोग किया जाता है।
विशेषताएँ: इस प्रकार के गेहूँ से बनी रोटी लंबे समय तक मुलायम रहती है, और इसे बनाने में समय भी कम लगता है।
यह उच्च ग्लूटेन वाले गेहूँ की किस्म है और मुख्य रूप से रोटी और पराठे बनाने के लिए उपयोग किया जाता है। यह गेहूँ मुलायम और स्वादिष्ट रोटियाँ बनाने के लिए प्रसिद्ध है।
7. कापली गेहूँ (खास प्रकार)
रंग: लाल
प्रमुख राज्य: कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु
प्रोटीन: उच्च
मिट्टी और जलवायु: यह शुष्क और गर्म जलवायु में उगाया जाता है और इसकी खेती विशेष रूप से उन क्षेत्रों में होती है जहाँ वर्षा कम होती है।
उपयोग: इसे खासकर स्वास्थ्य-संबंधित उत्पादों में इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि इसमें फाइबर और पोषक तत्व अधिक होते हैं।
विशेषताएँ: कापली गेहूँ खासकर स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है क्योंकि इसमें फाइबर और पोषक तत्वों की मात्रा अधिक होती है।
यह पाचन के लिए अच्छा होता है और इसे हेल्थ-फूड के रूप में भी जाना जाता है।
8. पंजाबी गेहूँ (PBW 343, HD 2967 जैसी किस्में)
- प्रमुख राज्य: पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान
- विशेषताएँ: यह गेहूँ उच्च उत्पादन देने वाली किस्में हैं और इनका उपयोग मुख्य रूप से रोटी और अन्य खाद्य पदार्थों के लिए किया जाता है।
- मिट्टी और जलवायु: यह गेहूँ ठंडी जलवायु और उपजाऊ मिट्टी में उगाया जाता है, जो इस क्षेत्र की विशिष्ट जलवायु के लिए उपयुक्त है।
सारांश:
- उत्तर भारत (पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश): यहाँ मुख्य रूप से सफेद गेहूँ और उच्च उपज देने वाली किस्में उगाई जाती हैं।
- मध्य भारत (मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र): शरबती, लोकवन, ड्यूरम, और एम पी गेहूँ की खेती होती है।
- दक्षिण भारत (कर्नाटक, महाराष्ट्र): यहाँ कापली गेहूँ की खेती होती है।
गेहूँ का चयन कैसे करें?
रोटी या चपाती के लिए: शरबती, लोकवन और एम पी गेहूँ का उपयोग सर्वोत्तम है।
ब्रेड, केक या बिस्किट के लिए: सफेद गेहूँ और ड्यूरम गेहूँ का उपयोग अच्छा होता है।
पास्ता, सूजी और मैकरोनी के लिए: ड्यूरम गेहूँ सबसे उपयुक्त है।
स्वास्थ्य-संबंधित उत्पादों के लिए: कापली या लोकवन गेहूँ अच्छा होता है, जो उच्च प्रोटीन और फाइबर प्रदान करता है।
भारत के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग प्रकार के गेहूँ उगाए जाते हैं, जो उस क्षेत्र की जलवायु, मिट्टी और उत्पादन की जरूरतों के अनुसार अनुकूलित होते हैं। आपके भोजन के उपयोग के अनुसार, सही गेहूँ का चयन किया जा सकता है।
Ans
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