What is the average price of atta (wheat flour) in India? | भारत में आटे का औसत मूल्य क्या है?

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अक्टूबर 2024 तक, भारत में गेहूं के आटे (आटा) की कीमतें अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग हैं, जो स्थानीय आपूर्ति-मांग की स्थिति और क्षेत्रीय उत्पादन क्षमताओं को दर्शाती हैं। औसतन, भारत के प्रमुख बाजारों में पूरे गेहूं के आटे की कीमत ₹40-₹60 प्रति किलोग्राम के बीच देखी गई है। यहाँ विभिन्न राज्यों के लिए कीमतों का विवरण दिया गया है:

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भारत में आटा (पूर्ण गेहूं का आटा) का औसत मूल्य विभिन्न राज्यों और बाजारों के अनुसार अलग-अलग होता है। 2024 तक, भारत में पूरे गेहूं के आटे की औसत कीमत लगभग ₹32.91 प्रति किलोग्राम है। यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 13% की वृद्धि को दर्शाता है​(

प्रमुख शहरों में आटे की कीमतें:



  1. गुजरात: ₹31-42 प्रति किलोग्राम

  2. सिक्किम: ₹35-36 प्रति किलोग्राम

  3. राजस्थान: ₹29-30 प्रति किलोग्राम

  4. उत्तराखंड: ₹26-27 प्रति किलोग्राम

  5. महाराष्ट्र: ₹37-38 प्रति किलोग्राम

  6. उत्तर प्रदेश: ₹42-₹45 प्रति किलोग्राम

  7. मध्य प्रदेश: ₹45-₹50 प्रति किलोग्राम

  8. पंजाब: ₹40-₹43 प्रति किलोग्राम

  9. महाराष्ट्र: ₹48-₹55 प्रति किलोग्राम

  10. पश्चिम बंगाल: ₹50-₹57 प्रति किलोग्राम

  11. तमिलनाडु: ₹52-₹60 प्रति किलोग्राम


प्रमुख शहरों में आटे की कीमतें:

  • मुंबई: ₹49 प्रति किलोग्राम

  • चेन्नई: ₹34 प्रति किलोग्राम

  • कोलकाता: ₹29 प्रति किलोग्राम

  • दिल्ली: ₹27 प्रति किलोग्राम

न्यूनतम और अधिकतम मूल्य:

  • न्यूनतम: ₹26 प्रति किलोग्राम

  • अधिकतम: ₹59 प्रति किलोग्राम

स्थानीय फ़सल, परिवहन लागत और मांग में उछाल जैसे कारकों के आधार पर कीमतों में रोज़ाना उतार-चढ़ाव होता रहता है, ख़ास तौर पर त्योहारों के मौसम में।


भारत में गेहूँ के आटे के बाज़ार के आकार के बारे में, अनुमान है कि 2024 तक इस उद्योग का मूल्य लगभग 25 बिलियन अमरीकी डॉलर होगा, जिसमें घरों, वाणिज्यिक बेकरी और रेस्तराँ में खाद्य उद्देश्यों के लिए काफ़ी खपत होगी। बढ़ती आबादी और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों की बढ़ती मांग के कारण बाजार में और वृद्धि होने की उम्मीद है।


आटा की कीमतों में दैनिक उतार-चढ़ाव निम्नलिखित से प्रभावित होते हैं:


मौसम की स्थिति: खराब फसल या बाढ़ आपूर्ति को प्रभावित कर सकती है।


वैश्विक गेहूं की कीमतें: अंतर्राष्ट्रीय व्यापार नीतियों और कीमतों में बदलाव स्थानीय बाजारों को प्रभावित करते हैं।


सरकारी हस्तक्षेप: स्टॉक सीमा और मूल्य नियंत्रण जैसी नीतियां भी दैनिक मूल्य आंदोलनों को प्रभावित कर सकती हैं।


आटा बाजार का आकार:

2024 में, भारत का गेहूं आटा बाजार लगभग 24.3 मिलियन टन का अनुमान है। यह बाजार अगले कुछ वर्षों में बढ़ने की संभावना है, खासकर खाद्य उपयोग और रिटेल चैनलों में मांग बढ़ने के कारण। भारत के विभिन्न हिस्सों में आटे की खपत में बढ़ोतरी हो रही है, विशेषकर उत्तर और पश्चिमी क्षेत्रों में​(IMARC)।


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